विधायक की गिरफ्तारी व सार्वजनिक माफी मांगने की मांग तेज
देहरादून। भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ पर शिक्षा निदेशक के साथ मारपीट के आरोपों के बाद पूरा शिक्षा विभाग आन्दोलन की राह पर है। इस मामले ने इस कदर तूल पकड़ लिया है कि आन्दोलन में निदेशक से लेकर संयुक्त निदेशक और खंड शिक्षा अधिकारी तक खुलकर शामिल हुए हैं।
आन्दोलनकारियों ने भाजपा विधायक से इस मामले में आन्दोलनकारी विधायक की गिरफ्तारी व सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
मामले ने तब तूल पकड़ा जब शिक्षा निदेशालय में हुए कथित घटनाक्रम के वीडियो सामने आए. आरोप है कि विधायक और उनके समर्थकों ने निदेशक के साथ अभद्रता और मारपीट की। इस घटना के बाद शिक्षा विभाग से जुड़े हजारों मिनिस्टीरियल कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर चले गए हैं।
शिक्षक संगठनों ने ऐलान किया है कि 25 फरवरी से प्रदेश का प्रत्येक कर्मचारी इस कार्य बहिष्कार में शामिल होगा। इसके बाद बड़े आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है। शिक्षकों की मुख्य मांग दो बिंदुओं पर केंद्रित है, पहला विधायक की गिरफ्तारी और दूसरा सार्वजनिक रूप से माफी।
उनका कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि ही अधिकारियों के साथ इस प्रकार का व्यवहार करेंगे तो व्यवस्था का संतुलन बिगड़ जाएगा। शिक्षक संगठन इसे न केवल एक व्यक्ति विशेष का मामला मान रहे हैं, बल्कि इसे पूरे तंत्र की गरिमा से जोड़कर देख रहे हैं।
इस बीच शिक्षक संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं। मुलाकात के दौरान शिक्षकों ने अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक स्पष्ट एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) बनाए जाने की मांग की। साथ ही विधायक की गिरफ्तारी या सार्वजनिक माफी की शर्त दोहराई।
शिक्षा निदेशालय देहरादून में सैकड़ों शिक्षक धरने पर बैठे हैं और लगातार नारेबाजी कर रहे हैं। हालांकि विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है, लेकिन अभी तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। दूसरी ओर पुलिस ने विधायक के साथ निदेशालय पहुंचकर कथित रूप से मारपीट करने वाले एक हिस्ट्रीशीटर समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इससे शिक्षक संगठनों में यह संदेश गया है कि कार्रवाई चयनात्मक है, जिसे लेकर आक्रोश और बढ़ रहा है।
