अंकिता हत्याकांड की जांच से सुप्रीम कोर्ट तक संतुष्ट: मुख्यमंत्री

कहा, तीनों दोषियों को कड़ी आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है
कहा, अपुष्ट ऑडियो क्लिप की बिना पर प्रदेश में माहौल बिगाड़ने की कोशिश
देहरादून। अंकिता हत्याकांड की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से निगरानी की मांग के जोर पकड़ने के साथ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी की जांच पर न केवल निचली अदालत, बल्कि माननीय उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय ने भी संतोष व्यक्त किया है, जो जांच की निष्पक्षता और मजबूती को दर्शाता है। सरकार की सशक्त और प्रभावी न्यायालयीय पैरवी के परिणामस्वरूप तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वर्तमान में किसी कथित ऑडियो क्लिप के आधार पर प्रदेश में अनावश्यक माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी गंभीरता से अपने निष्कर्ष तक पहुंच चुकी है और दोषियों को कड़ी सजा मिल चुकी है।

सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अंकिता भंडारी प्रकरण पर पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए सीएम ने इस पूरे मामले को षडयंत्र से जोड़ा और कहा कि पेपर लीक मामले में भी पहले ऑडियो आया। इस मामले में भी ऑडियो सामने आने के तुरंत बाद कांग्रेस ने देहरादून में नहीं सीधे दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस की।

उत्तराखंड की बेटी अंकिता को न्याय दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है और इस दिशा में सरकार ने पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जघन्य अपराध की निष्पक्ष एवं गहन जांच के लिए महिला अधिकारी श्रीमती रेणुका देवी की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था, जिसने मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच की।  कुछ अन्य सवाल होने पर सीएम ने पत्रकारों से ही सवाल किया कि आप का ही नाम कोई ले ले तो आप क्या करेंगे ? अगर कोई और होता तो आजीवन कारावास भुगत रहे आरोपी उसका नाम लेते। उन्होंने कहा उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के संदर्भ में सवाल पर उन्होंने फिर सवाल कि क्या आपको पता है, वो कहां है, आप ही हमारी मदद करें
सीबीआई जांच पर बोले माता-पिता से बात करेंगे कानूनी स्थितियां  देखेंगे
देहरादून। सीबीआई जांच के सवाल पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यद्यपि पूरे प्रदेश की जनता की भावनाएं बेटी अंकिता के साथ जुड़ी हुई हैं, लेकिन इस दुखद घटना से सबसे अधिक प्रभावित उसके माता-पिता हैं। उन्होंने कहा कि वे स्वयं अंकिता के माता-पिता से बात करेंगे कानूनी स्थितियां  देखेंगे।  उनकी भावनाओं, पीड़ा एवं अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बता दें कि अंकिता भंडारी के माता- पिता एसआईटी की जांच को लेकर असंतोष जताते हुए 2022 से लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, वे तो हाईकोर्ट भी गए थे। हाल में अंकिता के पिता ने फिर सीबीआई जांच की मांग की है और कहा कि जरूरत पड़ी तो वह फिर अदालत का रुख करेंगे।

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