देहरादून। उत्तराखंड सरकार द्वारा चार धाम यात्रा की तैयारियों को धार देने के लिए सचिव स्तर के चार अधिकारियों को तैयारियों की जांच की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। मुख्यमंत्री ने इन अधिकारियों से कहा कि सड़क मार्गों की स्थिति से लेकर यात्रा मार्गों और धामों में जन सुविधाओं की जांच कर सरकार को 11 अप्रैल तक रिपोर्ट पेश करें।
उल्लेखनीय है कि राज्य में 30 अप्रैल से यात्रा का शुभारंभ होने जा रहा है तथा सभी चारों धामों के कपाट खुलने की तारीखों की घोषणा भी की जा चुकी है।
30 अप्रैल से शुरू होने वाली इस यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया गतिमान है तथा आगामी 8 अप्रैल से केदारनाथ के लिए हेली सेवा का पंजीकरण भी शुरू होने जा रहा है। यात्रा के शुरू होने में अब अधिक समय शेष नहीं बचा है। इसलिए सरकार भी यात्रा शुरू होने से पहले यह सुनिश्चित कर लेने में जुटी है कि तैयारियां कहां तक पहुंची है तथा इन्हें समय से पूर्व कैसे पूरा किया जा सकता है।
जिन चार अधिकारियों को यह जिम्मेदारी सौंप गई है उनमें नीरज खैरवाल को यमुनोत्री तथा वी.वी. पुरुषोत्तम को गंगोत्री धाम की जिम्मेदारी दी गई है वहीं केदार धाम की तैयारियों का जायजा किशोर पंत लेंगे तथा आर. राजेश कुमार बद्रीनाथ धाम की तैयारियों की जांच करेंगे।
इन सभी सचिव स्तर के अधिकारियों से 11 अप्रैल तक अपनी रिपोर्ट शासन को देने के लिए कहा गया है। जिससे यह पता चल सकेगा कि कहां कहां क्याकृक्या काम कराया जाना बाकी है। गंगोत्रीकृयमुनोत्री मार्ग पर अभी 110 किलोमीटर सड़क के सुधारीकरण का काम बाकी है तथा सड़क की स्थिति अत्यंत ही खराब है।
यात्रा के दौरान किसी तरह का व्यवधान न आए इसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रवेश द्वार ऋषिकेश को 16 सेक्टरों में बांटा गया है तथा हर सेक्टर के लिए एक इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी की तैनाती की गई है कल 5 अप्रैल को कमिश्नर गढ़वाल द्वारा ऋषिकेश में समीक्षा बैठक भी होने जा रही है।