मांडूवाला के जंगल में शव फैंकने वाला हत्यारा पति गिरफ्तार

देहरादून। मांडूवाला में सफेद कट्टे में मिले महिला के शव के मामले में पुलिस ने महिला के पति को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया है। मृतका के पति ने ही उसकी गला घोंटकर हत्या की थी।

गुरूवार को यहां इसकी जानकारी देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि 11 मार्च को प्रेमनगर क्षेत्रान्तर्गत मॉडूवाला रोड, बालासुदरी मंदिर परिसर में एक अज्ञात महिला का शव एक कटटे मे बरामद होने की सूचना प्रेमनगर पुलिस को प्राप्त हुई।

सूचना पर कार्यवाही करते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गयी। मौके पर फारेन्सिक टीम द्वारा घटनास्थल की फोटोग्राफी वीडियोग्राफी करते हुए आवश्यक साक्ष्य संकलन की कार्यवाही की गई।

मौके पर मृतक महिला की शिनाख्त हेतु आसकृपास के लोगों से पूछताछ की गई पर महिला का शव 4 से 5 दिन पुराना होने तथा शव का चेहरा पूरी तरह खराब हो जाने के कारण उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण गला दबाकर हत्या किया जाना पाया गया। हत्या के खुलासे में लगी पुलिस टीमों द्वारा लगातार किये जा रहे प्रयासों के दौरान के दौरान 19 मार्च को पुलिस अज्ञात महिला की शिनाख्त हेतु कॉसवाली कोठरी पहुंची तो पुलिस को जानकारी मिली कि कॉसवाली कोठरी मे एक नव निर्मित मकान मे काम करने वाला बिहार का एक मजदूर अपनी बीवी व छोटे बच्चे के साथ उसी साईट पर रहकर मजदूरी कर रहा था।

होली के आसकृपास से उसके साथ रहने वाली महिला दिखाई नहीं दे रही है। पर उसका बच्चा किसी अन्य महिला के साथ उक्त मजदूर के साथ दिखाई दे रहा है। जिस पर पुलिस टीम द्वारा उक्त मकान के ठेकेदार शिवजी, जो भाऊवाला मे रहता है,से गहनता से पूछताछ की गई तो उसके द्वारा बताया गया कि उसके पास काम करने वाले रंजीत शर्मा नाम के मजदूर की दो पत्नियां हैं, जिनमें से उसकी पहली पत्नी रूपा अपनी बच्ची के साथ माह फरवरी में उसके पास आई थी तथा निर्माणाधीन साइट पर ही उसके साथ रह रही थी।

8 मार्च 2026 को रंजीत शर्मा द्वारा अपनी पत्नी व बच्ची को बिहार वापस भेजने की बात कहते हुए उससे मोटर साइकिल व 1500 रूपये मांगे तथा 9 मार्च 26 को उसकी मोटर साइकिल वापस करते हुए उसे बताया कि उसकी पहली पत्नी रूपा बिहार चली गई है तथा दूसरी पत्नी सुशीला बिहार से उसके पास आ गई है। उसके बाद रंजीत अपनी दूसरी पत्नी व पहली पत्नी की बच्ची के साथ कुछ दिन उक्त साइट पर ही रहा तथा वर्तमान में भाटोवाला में रह रहा है।

उक्त सूचना पर पुलिस टीम तत्काल भाटोवाला पहुंची जहां पुलिस टीम को देखकर उक्त संदिग्ध व्यक्ति रजींत भागने का प्रयास करने लगा, पर पुलिस टीम द्वारा उसे मौके पर दबोच लिया। जिससे सख्ती से पूछताछ करने पर उसके द्वारा उक्त अज्ञात महिला की पहचान अपनी पहली पत्नी रूपा के रूप में करते हुए उसका गला दबाकर उसकी हत्या करना तथा शव को कटृे में डालकर शीतला माता मन्दिर के पास जंगल में फेंकने की बात स्वीकार की गयी जिस पर पर पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त को मौके से गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में उसके द्वारा बताया गया कि वर्ष 2009 में उसका विवाह रूपा नाम की महिला से हुआ था तथा 04 वर्ष पूर्व उसकी पत्नी रूपा ने किसी अन्य पुरूष के साथ भागकर उससे शादी कर ली थी, जिसके बाद उसके द्वारा भी अपने बगल के गांव में रहने वाली सुशीला नाम की महिला से विवाह कर लिया, जो पूर्व से ही शादी शुदा थी।

पिछले 12 वर्षों से देहरादून में अलगकृअलग स्थानो पर रहकर मजदूरी कर रहा था तथा पिछले 1 साल से उसकी दूसरी पत्नी सुशीला गांव में ही रह रही थी। एक वर्ष पूर्व उसकी पहली पत्नी रूपा अपने दूसरे पति को छोडकर वापस गांव आ गई तथा उसके सम्पर्क में आकर उससे बातें करने लगी।

23 फरवरी को उसकी पहली पत्नी रूपा अपनी 11 माह की पुत्री के साथ उसके पास आ गई तथा उसके साथ उक्त निर्माणाधीन साइट पर ही रहने लगी। इस दौरान उसके द्वारा लगातार उस पर अपनी दूसरी पत्नी को छोडने का दबाव बनाया जा रहा था, जिसे लेकर उनके मध्य अक्सर विवाद हुआ करता था।

5 मार्च 2026 की रात्रि में उसकी अपनी दूसरी पत्नी से फोन पर बात करने के दौरान मृतका रूपा द्वारा उससे फोन छीन लिया तथा उस पर अपनी दूसरी पत्नी से बात न करने का दबाव बनाने लगी। जिसे लेकर दोनो के बीच विवाद हो गया तथा उसके द्वारा उसका गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव को एक सफेद कटृे में डालकर मकान के एक अलग कमरे रख दिया तथा उसे छिपाने की नीयत से उस पर रजाई डाल दी।

इस दौरान शव को ठिकाने लगाने का मौका न मिलने तथा 11 माह की बच्ची के साथ होने के कारण उसके द्वारा उक्त शव को 4 दिनों तक उक्त मकान के एक अलग कमरे में रजाई से छिपाकर रखा तथा अपनी दूसरी पत्नी के देहरादून आने पर उसके द्वारा उक्त बच्ची को उसके पास छोडकर अपने ठेकेदार की मोटर साइकिल के पीछे उक्त शव के कटृे को बांधकर उसे रजाई से ढक दिया तथा शव को शीतला देवी मन्दिर के पास जंगल में फेंक कर वापस आ गया। आईजी ने पुलिस टीम को पांच हजार रूपये व एसएसपी ने ढाई हजार रूपये ईनाम की घोषणा की।

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