आपदा में दंपति घायल, अस्पताल में भर्ती
चमोली। थराली क्षेत्र के बाद अब देवाल तहसील के मोपाटा में भी अतिवृष्टि के कारण भारी नुकसान हुआ है। इस घटना में एक दंपति मलबे में जिंदा दफन हो गए हैं, जबकि एक दंपति जख्मी हो गया। मलबे में दबे दंपति के शवों खोजकर निकाल लिया गया है। घायलों का उपचार देवाल स्वास्थ्य केंद्र में किया जा रहा है।
गुरुवार की रात्रि को भारी बारिश के चलते देवाल के मोपाटा में अतिवृष्टि के कारण एक भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। इस घटना में एक दंपति की मलबे में जिंदा दफन हो गए जबकि एक दंपति को काफी चोंटे आई है। घटना की सूचना मिलने पर तहसील प्रशासन, डीडीआरएफ ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
मोपाटा में गुरुवार रात्रि हुई अतिवृष्टि से गांव में एक आवासीय भवन भूस्खलन की चपेट में आ गया है। इस भवन में रह रहे तारा सिंह और उनकी पत्नी कमला देवी मलबे की जद में आकर जिंदा दफन हो गए जबकि दूसरे मकान में रह रहे विक्रम सिंह और उनकी पत्नी दुर्गा देवी जख्मी हो गए हैं। विक्रम सिंह का भवन भी इस आपदा की भेंट चढ़ गया है।
घटना की सूचना मिलने के बाद तहसील प्रशासन की टीम ने 10 से 11 किमी की पैदल दूरी तय कर घटना स्थल तक पहुंची। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से लापता दम्पति को खोजने के लिए राहत और बचाव का कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद तारा सिंह और उनकी पत्नी के शव को मलबे से निकाला गया।
उप जिलाधिकारी पंकज कुमार भट्ट ने बताया कि आपदा क्षेत्र में राहत कायरे के लिए डीडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग प्रभावित क्षेत्र में पहुंच कर राहत कायरें में जुटा हुआ है। बारिश के चलते बाधित हुई सड़कों को खोलने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि घटना में एक दंपति लापता हुए थे उनके शवों को खोज लिया गया है। दोनों घायल दंपति का उपचार अस्पताल में चल रहा है। मोपाटा में आई आपदा में 60 बकरियां, दो बैल, दो गाय, एक भैंस की मौत हो गई है। इस आपदा में कई गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।