सुशासन, विकास और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में सरकार: सीएम धामी

फोकस योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जमीनी बदलाव व आम नागरिक की आय व जीवन स्तर में ठोस सुधार पर केंद्रित रहेगा
सरकार का प्राथमिक लक्ष्य शासन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक-आधारित बनाना
देहरादून। नए साल पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि वर्ष 2026 राज्य के विकास की दिशा में एक निर्णायक और परिणामोन्मुख वर्ष के रूप में रहेगा। ऐतिहासिक नीतिगत निर्णयों के बाद अब सरकार का मुख्य फोकस योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जमीनी बदलाव और आम नागरिक की आय व जीवन स्तर में ठोस सुधार पर केंद्रित रहेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्राथमिक लक्ष्य शासन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक-आधारित बनाना है। वर्ष 2026 मेंई-गवनेर्ंस को सभी विभागों में अनिवार्य रूप से लागू करते हुए डिजिटल फाइल सिस्टम, अनलाइन सेवाओं और समयबद्ध डिलीवरी को सशक्त किया जाएगा।

भ्रष्टाचार पर जीरो टलरेंस नीति के तहत जन शिकायतों का त्वरित निस्तारण और सेवाओंकी तय समय-सीमा में उपलब्धता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी राज्य में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूती देना 2026 के एजेंडे का अहम स्तंभ है।

चारधाम ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, हेली सेवाओं का विस्तार और सीमावर्ती क्षेत्रों में रणनीतिक सड़कों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य, शिक्षा और आपात सेवाओं की आसान पहुंच सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार का सबसे सशक्त फोकस कृषि के साथ-साथ उद्यानिकी को आय बढ़ाने का मुख्य माध्यम बनाना है।

इसके तहत पॉली हाउस खेती, कीवी उत्पादन, हाई वैल्यू फसलों और सेब कीवी नीति को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। राज्य सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में पॉली हाउस आधारित खेती को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देगी, जिससे किसान वषर्भर सब्जी, फूल और उच्च गुणवत्ता वाली फसलें उगा सकें। पॉली हाउस के  लिए अनुदान, तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

कीवी मिशन,कीवी नीति के तहत उत्तराखंड को देश का प्रमुख कीवी उत्पादक राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। कीवीकी खेती से कम भूमि में अधिक आय, बेहतर बाजार मूल्य और निर्यात की संभावनाएँ किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेंगी।

इसके साथ ही सेब, नाशपाती, अखरोट और अन्य पहाड़ी फलों की वैल्यू चेन विकसित की जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि खेती से आय को दोगुना करने की दिशा में उद्यानिकी को मुख्य हथियार बनाया जाए, जिससे पलायन रुके और गांवों में ही रोजगार के अवसर सृजित हों।

पर्यटन को आर्थिक इंजन के रूपमें विकसित करना 2026 की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। चारधाम यात्रा को सुरक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के साथ-साथ विंटर टूरिज्म, साहसिक पर्यटन, ईको-टूरिज्म और होमस्टे योजनाओं को प्रोत्साहन दिया जाएगा। स्थानीय युवाओं और महिलाओं की भागीदारी से पर्यटन आधारित रोजगार सृजन परविशेष जोर रहेगा।

सरकारी भर्तियों को पूरी तरह पारदर्शी, समयबद्ध और नकलमुक्त बनाए रखने का संकल्प लिया गया है। निजी क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने के लिए स्टार्टअप, आईटी पार्क, उद्योग और निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।

 युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट, तकनीकी प्रशिक्षण और स्वरोजगार योजनाओं का विस्तार किया  समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ महिला सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

स्वयं सहायता समूहों, लखपति दीदी योजना और महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित कर महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। हिमालयी पारिस्थितिकी का संरक्षण, नदियों और जल स्रेतों का पुनर्जीवन, वनों की सुरक्षा और आपदा पूर्व चेतावनी पण्रालियों को मजबूत करना सरकार की दीर्घकालिक प्राथमिकताओं में शामिल है।

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