देहरादून। डोईवाला थाना क्षेत्र के हर्रावाला में नवविवाहिता सरकारी शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की मां की तहरीर पर पुलिस ने सचिवालय में निजी सचिव के पद पर तैनात पति, सास और ननद के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सृष्टि कंडारी के मायके वालों का आरोप है कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी को दहेज और अन्य बातों को लेकर लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। मृतका सृष्टि कंडारी की मां सीमा कंडारी ने थाना डोईवाला में शिकायत दर्ज कराई है।
उन्होंने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि सृष्टि कंडारी की शादी नवंबर 2025 में हर्रावाला स्थित दिल्ली फार्म निवासी सौरभ रतूड़ी से हुई थी। सौरभ सचिवालय में निजी सचिव हैं, जबकि सृष्टि सरकारी शिक्षिका थी।
मां सीमा कंडारी का आरोप है कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी सृष्टि कंडारी को दहेज और अन्य बातों को लेकर अपमानित किया जाता था। इतना ही नहीं, उसे मनहूस कहकर भी मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
सीमा कंडारी का आरोप है कि 28 और 29 जुलाई को उनकी बेटी से फोन पर बात नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने एक परिचित को ससुराल भेजा, जहां से जानकारी मिली कि सृष्टि की तबीयत खराब होने पर उसे अस्पताल ले जाया गया है। जब परिवार श्रीनगर से देहरादून पहुंचा तो उन्हें पता चला कि सृष्टि की मौत हो चुकी है।
मृतका की मां का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने बेटी की मौत की सूचना उन्हें समय पर नहीं दी। पूछने पर उन्होंने कहा कि वे इतने व्यस्त थे कि फोन नहीं कर सके। परिवार का आरोप है कि सृष्टि की मौत के लिए उसका ससुराल पक्ष जिम्मेदार है। साथ ही शादी के करीब तीन महीने बाद सृष्टि के ससुर को हार्ट अटैक आया था।
आरोप है कि किसी पंडित की सलाह के बाद ससुराल वालों ने सृष्टि को अपशकुनी मान लिया और उसे मनहूस कहकर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। घटना से तीन दिन पहले सृष्टि के ससुर का भी निधन हो गया था, जिसके बाद उस पर मानसिक दबाव और बढ़ गया।
डोईवाला सीओ वंदना वर्मा ने बताया है कि डोईवाला थाना पुलिस ने मृतका के पति सौरभ रतूड़ी, सास परवीना देवी और ननद चारू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 80 (2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तीनों ने मिलकर सृष्टि को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया, जिसके कारण उसकी मौत हुई। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्यों और अन्य तकनीकी तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
