प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का मांगा इस्तीफा
देहरादून। जहां दिल्ली में एक ओर शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन किया। तो वहीं उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून में युवाओं ने राजनितिक दलों के साथ सड़क पर उतरकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा है।
नीट परीक्षा पेपर लीक, सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं में गड़बड़ी के बाद लगातार देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तूल पकड़ने लगी है। इसी कड़ी में शनिवार को सामाजिक कार्यकर्ताओं, विपक्षी दल कांग्रेस के प्रतिनिधियों के साथ-साथ युवा संगठनों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर गांधी पार्क में प्रदर्शन किया।
इस मौके पर मोहित डिमरी ने कहा कि पिछले कुछ सालों में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ ही बोर्ड परीक्षाओं की गड़बड़ियों ने देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं के भविष्य पर गंभीर प्रश्न चिन्ह खड़े कर दिए हैं। इन घटनाओं ने युवाओं के बीच निराशा असुरक्षा और व्यवस्थाओं के प्रति अविश्वास का माहौल पैदा कर दिया है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पिछले 4 सालों के दौरान नीट परीक्षा से जुड़े पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के मामले लगातार सामने आ रहे है। शिक्षा मंत्रालय की ओर से कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई है। अब जबकि देश भर के युवा सड़कों पर उतर कर जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, तब केवल अधिकारियों के तबादले करके मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अब तो सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में भी गंभीर गड़बड़ियां सामने आई है। जिसके कारण 12वीं के लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। परीक्षा संचालन और मूल्यांकन की जिम्मेदारी ऐसी कंपनियों को दी गई। जिन पर पहले से ही अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आज देश के लाखों छात्रों और युवाओं को परीक्षा संबंधित गड़बड़ियों को लेकर सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
